The Development Of Sanskrit From Panini To Patanjali
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The Development of Sanskrit from Panini to Patanjali - A. C. Sarangi
The Development of Sanskrit From Panini To Patanjali
पाणिनि से पतंजलि तक संस्कृत के विकास में वैदिक संस्कृत से शास्त्रीय संस्कृत की ओर बदलाव देखा गया, जिसमें पाणिनि की अष्टाध्यायी ने आधारशिला रखी और पतंजलि के महाभाष्य ने व्याकरण के नियमों को और विकसित और स्पष्ट किया । पाणिनि का कार्य भाषा को व्यवस्थित करने पर केंद्रित था, जबकि पतंजलि की टिप्पणियों ने स्पष्टीकरण और व्याख्याएं प्रदान कीं, जिससे संस्कृत व्याकरण अधिक सुलभ और व्यापक हो गया।
Author : A. C. Sarangi
Publisher : The Bharatiya Vidya Prakashan
Language : English
Edition : 2020
Pages : 144
Cover : Hard Cover
ISBN : 978-93-88415-12-5
Size : 14 x 2 x 22 ( l x w x h )
Weight : 300 gm
Item Code : TBVP 059